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internet कैसे चलता है / इसका मालिक कोन है./ internet kaise chalta hai.internet ki surooat kaise hui

इंटरनेट का मालिक कौन है दुनिया को इंटरनेट कौन दे रहा है इंटरनेट कैसे चलता हैवह आप तक कैसे पहुंचता है


हेलो दोस्तों मैं हूं vijay और आपका स्वागत है हमारी इस वेबसाइट hindimepro.com में तो दोस्तों आज हम जानेंगे इंटरनेट के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं
दोस्तों आज हम इंटरनेट को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि इंटरनेट की क्या महत्व है क्या रोल है इसे हम अच्छे से जानते हैं आज तो वह जमाना है की भाई खाना नहीं होगा तो चलेगा लेकिन इंटरनेट तो चाहिए
जी हां इंटरनेट तो हमारे लिए जरूरत है लेकिन कुछ केस में तो या कुछ लोगों का  लत बन गया है 



आज हम इंटरनेट की पूरी प्रोसेस के बारे में जानेंगे

जिनको कुछ पता नहीं है तो यह जान लो व्हाट्सएप, फेसबुक, सोशल मीडिया, एप्लीकेशन ,यूज करते हो आप जब मैसेज करते हो तो हजारों किलोमीटर दूर बैठे आपके रिलेटिव को कुछ सेकेंड के अंदर आपका मैसेज मिल जाता है जैसे अभी आप मेरा पोस्ट पढ़ रहे हैं अब आप कहां पर हैं और मैं कहां पर यह सब मुमकिन है इंटरनेट की वजह से इंटरनेट इंटरनेशनल ऑफ कंप्यूटर जिसका मतलब दो या दो से अधिक कंप्यूटर के साथ एक दूसरे से कनेक्ट है
सिंपल भाषा में किसी भी चीज को एक्सचेंज करने या आदान प्रदान करने के लिए डीएसबी प्रोटोकॉल दो से ज्यादा कंप्यूटर को एक दूसरे के साथ जुड़ता जाता है उसे कहते हैं इंटरनेट
आज हम इंटरनेट का बहुत ज्यादा यूज करते हैं क्या-क्या करते हैं सबको पता है
लेकिन इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई/ इसके बारे में जानते है

इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई थी

1969 में जब इंसान ने पहली बार चांद पर कदम रखा था तो यूएस के रक्षक कार्यालय ने एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट की नियुक्त किया था जिससे उन्होंने चार कंप्यूटर को एक साथ जोड़ा था डाटा एक दूसरे के साथ शेयर करने के लिए बाद में उसे एक एजेंसी कि साथ जोड़ा गया ऐसे करके धीरे-धीरे उसका नेटवर्क बढ़ता गया और बाद में आम लोगों के लिए उसे ओपन कर दिया गया
फिर धीरे-धीरे बहुत सी एजेंसी इसके साथ जुड़ते गए लेकिन इंटरनेट का सबसे अच्छी बात यह है कि इसके ऊपर किसी एक एजेंसी का कंट्रोल नहीं है मतलब इसका कोई एक मालिक नहीं है
  भारत की बात करें तो 15 अगस्त 1996 को बीएसएनएल ने इंटरनेट की शुरुआत की थी बाद में सभी प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर ने की थी जैसा कि आपको पता है कि जब दो या दो से अधिक डिवाइस को एक साथ जोड़ा जाता है तो उसे इंटरनेट कहते हैं
अब आपके मन में कुछ सवाल आ रहे होंगे जैसे

हम तो मोबाइल से इंटरनेट यूज करते हैं हमारा मोबाइल किसी भी डिवाइस या केबल के साथ जुड़ा नहीं रहता है तो क्या उसे भी इंटरनेट ही कहते हैं ?

जी हां उसे भी इंटरनेट कहते हैं लेकिन यह कैसे काम करता है यह जान लो
लेकिन अब मैं आपको यह बता देना चाहता हूं कि कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि इंटरनेट सेटेलाइट के माध्यम से चलता है लेकिन यह पूरी तरीके से सही नहीं है पहले ऐसा होता था की सेटेलाइट से इंटरनेट चलते थे लेजब satelight से इंटरनेट चलते थे तो वहां पर दिक्कत भी बहुत होती थी जैसे स्पीड कम रहती थी टेक्निकल प्रॉब्लम होती रहती थी
तो इंसान ने एक नए टेक्निक की खोज की जिसकी मदद से आज हम इतनी स्पीड इंटरनेट यूज कर पा रहे हैं उस टेक्निक का नाम है ऑप्टिकल फाइबर केबल
एक सवाल और

क्या समुंद्र के अंदर केवल बिछी हुई हैं


जी हां बिल्कुल सच है करीब 8लाख लेंथ वाले ऑप्टिकल फाइबर केबल पूरी दुनिया में पीछे हुए हैं
पूरी दुनिया में जितन इंटरनेट यूज होता है उसका 90 परसेंट इन केबल से होता है
ऑप्टिकल फाइबर केबल आपकी लोकेशन के पास जो टावर है वहां तक जुड़े होते हैं
आप के मोबाइल का कम बस इतना होता है कि आपके लोकेशन के टावर तक वायरलेस कनेक्शन को जोड़ता है
एक सवाल और की

केबल समुद्र में बिछी हुई है तो वह टूटते नहीं अगर टूट जाता है तो कैसे पता चलता है

जी हां केबल टूटते भी है और प्रॉब्लम भी होते हैं क्योंकि बड़े बड़े पानी की जहाज समंदर में चलते हैं समुंदर में मछलियां भी होती हैं और कुछ वजह से केबल टूटते हैं
लेकिन इनकी टीम 24X7 निगरानी करती रहती है रेगुलर चेक करते रहते हैं कि कोई प्रॉब्लम तो नहीं है कहीं पर केबल क्रैक तो नहीं है अगर ऐसा है तो जितना ज्यादा जल्दी उसे रिपेयर करने की कोशिश करते हैं 
यदि टूट जाता है तो इंटरनेट को बंद होने से बचाने के लिए उनके पास कुछ भी होते हैं जिसकी वजह से इंटरनेट नहीं रुकता है

अब अगर दुनिया का 90 परसेंट इंटरनेट केबल से यूज किया जाता है तो बाकी 10% कैसे यूज़ होता है और कौन यूज करता है

बाकी का 10% इंटरनेट सीक्रेट एजेंसी यूज करते है और वह सेटेलाइट के माध्यम से ऑपरेट होता है अब सेटेलाइट के ऊपर लोड कम रहता है इसी वजह से सेटेलाइट के माध्यम से चलने वाली इंटरनेट की स्पीड अच्छी रहती है सेटेलाइट इंटरनेट को आम आदमी यूज़ नहीं कर सकता उसे सिर्फ सीक्रेट एजेंसी ही यूज कर सकती है
इंटरनेट का काम करने का प्रोसेस क्या है
एक तरह से हम कह सकते हैं कि इंटरनेट का काम है इंफॉर्मेशन को एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने का काम करता है जैसा कि हमारे पोस्ट ऑफिसर काम कर रहे हैं एक जगह से दूसरी जगह पर मैसेज को पहुंचाती है इंटरनेट पर थोड़ा और बात है क्योंकि लोग यहां पर सिर्फ मैसेज ही नहीं ट्रांसफर कर रहे हैं ऑडियो वीडियो को भी ट्रांसफर कर रहे हैं इन प्रोसेस को हम तीन भागों में डिवाइड करते हैं और जानते है
  1. पहला ई सरवर जहां पर पूरी दुनिया के इंफॉर्मेशन सेव रहते हैं
  2. दूसरा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर जिनके माध्यम से आप इंटरनेट यूज करते हैं
  3. तीसरा आपकी मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र जो आप यूज करते हो

प्रोसेस में ऐसा होता है जब आप ब्राउज़र पर कोई चीज सर्च करते हो तो वह रिक्वेस्ट जाता है आपके सर्विस प्रोवाइडर के पास आपका सर्विस प्रोवाइडर उस डाटा को ढूंढता है वहां से वह सर्च करके वह डांटा आपको भेज देता है यह जो प्रोसेस है आपकी सवाल जाने आने का प्रोसेस सेकंड में हो जाता है जब तक आप अपने सवाल को लिखकर इंटर को दबाते हैं तो तुरंत ही वह इंफॉर्मेशन आ जाती है
यह बेसिक इनफार्मेशन है इंटरनेट की

अब हम बात करते हैं की इमेज और वीडियो की प्रोसेस क्या है

जब भी आप इमेज वीडियो भेजते हैं तो इंटरनेट आपकी इंफॉर्मेशन को डिजिटल सिगनल से एनालॉग सिगनल में बदल देता है जो डाटा आपने भेजा है वह केबल के माध्यम से हो कर जाता है आपने जिसे भेजा है उसका रिसीवर उस एनालॉग सिगनल को डिजिटल सिग्नल में कन्वर्ट कर देता है तब जाकर वह उस इमेज या वीडियो को देख पाता है
अब सवाल है कि 

इतनी सारी इनफार्मेशन इंटरनेट पर कहां से आती है

जब भी आप कोई सर्च इंजन यूज़ करते हैं जैसे गूगल की बात करते हैं तो गूगल पर जब भी आप कोई चीज सर्च करते हो तो गूगल जवाब के लिए वेबसाइट और ब्लॉग को ढूंढता है और वह ब्लॉग वेबसाइट की लिस्ट आपको दिखा देता है कि यह हमारे सच रिजल्ट हैं आप अपने हिसाब से इसे देख लो
अब सवाल यह है कि 
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यह वेबसाइट और ब्लॉग की जो डाटा है वह कहां पर स्टोर रहता है

तो यहां पर बड़ी-बड़ी कंपनियां जो होती हैं वह एक पार्टिकुलर सर्वर बनाती हैं और यह ब्लॉग या वेबसाइट के डाटा जो है इन सरवर में स्टोर होता है
लेकिन एक सवाल और यह है कि

यह सब लोग वेबसाइट या ब्लॉक क्यों बनाते हैं ?

इसकी बहुत सी रीजन है लेकिन वेबसाइट की बात करें तो प्रमोशन के लिए और इनकम के लिए जैसे किसी भी बन्दे का प्रमोशन, ब्रांड का प्रमोशन, वेबसाइट के जरिए होता है
अब ब्लॉक की बात करें तो वह भी एक ऑनलाइन बिजनेस है वहां पर लोगों को ads के पैसे मिलते हैं spobsership के पैसे मिलते हैं यह भी एक डिजिटल ऑनलाइन बिजनेस है इसीलिए लोग ब्लॉग लिखते हैं और वेबसाइट वगैरा भी बनाते हैं

तो आज हमने बात की इंटरनेट क्या है ? यह कैसे काम करता है ? इंटरनेट के ऊपर जो इनफॉरमेशन होता है कहां स्टोर रहता है ? कौन लिखता है ? क्यों लिखता है ? यह इंफॉर्मेशन आप तक कैसे पहुंचता है ? इंटरनेट की प्रोसेस क्या होती है ? और किस माध्यम से आप तक पहुंचती है ?

hello dosto आप को यह पोस्ट में थोडा सा भी ज्ञान या  सिखाने को मिला हो तो comment t में जरूर बतये ताकि हम आप के लिए एसे जानकारी लेट रहे. और शेयर जरूर kare.





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